Tuesday, June 28, 2022
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भारतीय सेना को ‘भविष्य की ताकत’ विकसित करना होना चाहिए दृष्टिकोण: उपरराष्ट्रपति नायडु

इंडिया न्यूज,Wellington: Vice President: उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने मंगलवार को कहा भारतीय सेना को ‘भविष्य की ताकत’ के रूप में विकसित करना हमारा दृष्टिकोण होना चाहिए। सशस्त्र बलों से इन नए और उभरते क्षेत्रों में क्षमताओं को विकसित करने के लिए मौजूद सेना के अधिकारियों से आह्वन किया। उन्होंने कहा कि भारत अत्यधिक जटिल और अप्रत्याशित भू-राजनीतिक वातावरण में कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। हम बाहर और अंदर दोनों खतरों का सामना कर रहे हैं। इसलिए हमारे सशस्त्र बल किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हों।

भारत ने नहीं किया कभी अन्य देशों पर आक्रमण

उपराष्ट्रपति नायडु मंगलवार को रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन के अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बिना नाम लिए भारत सीमा में विरोध ताकतों का अंजाम देने के लिए बैठ देशों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत की संप्रभुता को विरोधी ताकतों द्वारा चुनौती देने के किसी भी प्रयास से हमारे सुरक्षा बलों द्वारा दृढ़ता से निपटा जाएगा। अपने लंबे इतिहास में, भारत ने कभी भी अन्य देशों पर आक्रमण नहीं किया है और हमने हमेशा अन्य देशों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि हम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के सिद्धांत में विश्वास करते हैं।

सशस्त्र बल है देश की सम्मानित संस्था

रक्षा और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल देते नायडु ने इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कई पहल करने के लिए सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल हमारे देश की सबसे सम्मानित संस्थाओं में से हैं। चाहे बाहरी आक्रमण हो या उग्रवाद से लड़ना हो या प्राकृतिक आपदाओं के समय नागरिक प्रशासन की सहायता करना हो, वर्दी में पुरुषों और महिलाओं ने हमेशा देश को गौरवान्वित किया है।

मद्रास रेजीमेंट के गौरवपूर्ण इतिहास की उपराष्ट्रपति ने प्रशंसा

इसके अलावा उपराष्ट्रपति ने अपनी सीमाओं की स्थिति से निपटने के साथ-साथ हाल ही में कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए सशस्त्र बलों के सदस्यों के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा “जब मैं सशस्त्र बलों के सदस्यों के साथ बातचीत करता हूं तो मुझे खुशी होती है। मुझे उनका उच्च मनोबल और कर्तव्य के प्रति समर्पण हमेशा बेहद प्रेरक लगता है। मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि महिला अधिकारियों को वायु सेना की लड़ाकू धारा में, नौसेना के जहाजों पर, सैन्य पुलिस कोर में और विदेशों में मिशनों में भी तैनात किया जा रहा है। उन्होंने इन संकेतों को एक स्वागत योग्य प्रवृत्ति कहा। इस मौके पर उन्होंने मद्रास रेजीमेंट के अधिकारियों और सैनिकों के गौरवपूर्ण इतिहास की भी प्रशंसा की।

यह अधिकारी रहे उपस्थिति

इस अवसर पर तमिलनाडु के वन मंत्री थिरु के रामचंद्रन, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज के कमांडेंट एवीएसएम, एसएम, वीएसएम लेफ्टिनेंट जनरल एस मोहन, रक्षा सेवाओं के विशिष्ट सदस्य, दिग्गज और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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