Wednesday, September 28, 2022
Wednesday, September 28, 2022
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देश की अदालतें हो रही डिजिटल, समय पर लोगों को मिलेगा न्याय

Union Law Minister Inaugurates Merging Legal Issues-2022 Conference

इंडिया न्यूज,नई दिल्ली। केंद्रीय केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि पेपर लेस कार्य को बढ़ावा देने  और न्याय कार्यो में पारदर्शिता लाने के लिए विधि एवं न्याय मंत्रालय भी अपनी कार्य प्रणाली में डिजिटल मॉडल अपनाने की ओर बढ़ रहा है। इसके मद्देनजर देश में अदालतों को डिजिटल किया जा रहा है,ताकि लोगों को अपने केस के बारें हर पल की अपड़ेट मिलेगी और उन्हें समय पर न्याय मिल सकेगा।

न्यायिक सिस्टम को रिलुक करने का समय

केंद्रीय न्याय मंत्री किरण रिजिजू शनिवार को इमर्जिंग लीगल इश्यूज-2022 विषय पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल हुई है। इस दौरान रिजिजू ने इस दो दिवसीय आयोजित सम्मेलन का उद्धाटन किया और सम्मेलन को संबोधित भी किया है। उन्होंने कहा कि देश के सभी हाईकोर्ट में एडिशनल सोलिसिटर जनरल ऑफ इण्डिया लाने की प्रक्रिया की जा रही है, जिससे भारत सरकार के मामलों की प्रभावी ढंग से पैरवी हो सके। न्यायिक सिस्टम को रिलुक करने का समय आ गया है।  हाईकोर्ट और लोअर कोर्ट में आधारभूत सुविधा बढाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहें है।

4  करोड़ से अधिक केस हैं पेंडिंग

देश में न्यायाधीशों की नियुक्त में देरी के मामले पर उन्होंने कहा कि कोलेजियम सिस्टम पर अब विचार करने की जरूत आन पड़ी है,ताकि न्यायाधीशों की नियुक्ति में तेजी हो सके। देश में कानून मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा और लोगों को समय पर न्याय मिल सकेगा। देश में मौजूदा समय चार करोड़ अस्सी लाख पेन्डिंग कैस हैं, उन्हे कम करनें के लिए न्याय प्रणाली को प्रभावी ढंग से काम करने की आवश्यकता है। उन्होनें देश में जजों की भर्ती एवं चयन के बारे में कहा कि सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है।

केन्द्रीय राज्यमंत्री, विधि एवं न्याय प्रो. एसपी बघेल ने आशा व्यक्त की है कि इस सम्मेलन में एक वैचारिक मंथन होगा,जिससे निकाल अमृत हमारे प्रजातंत्र को मजबूत बनाएगा।

उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के विशेष संदेश से हुआ कार्य का शुभारंभ

उद्घाटन समारोह का शुभारंभ उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विशेष संदेश के साथ किया गया। उसके बाद यूनियन ऑफ इंडिया एडवोकेट्स कांफ्रेंस (वेस्ट जोन) की कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में उच्चतम न्यायलय के न्यायाधीश अजय रस्तोगी, राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एम एम श्रीवास्तव, गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार व सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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