Thursday, May 26, 2022
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Politics On Liquor Exemption: शराब के दामों में छूट पर शुरु हुई राजनीति, बिधूड़ी ने केजरीवाल से पूछा किस लालच में लिया यू-टर्न का फैसला?

इंडिया न्यूज,नई दिल्ली।  

Politics On Liquor Exemption: दिल्ली सरकार द्वारा निजी दुकानों में शराब में 25 प्रतिशत की छूट देने के बाद से अब इस पर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरु हो गई है। नवरात्र के दौरान शराब में छूट देने के मुद्दे पर सूबे के विपक्षीय दल भाजपा कड़ा विरोध कर रही है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने हिंदुओं की परम आस्था के प्रतीक त्योहार नवरात्रों के दौरान दिल्ली में शराब की कीमतों में कटौती पर आपत्ति जताई है। आपको बता दें कि दिल्ली सरकार के शनिवार को शराब की निजी दुकानों पर एमआरपी पर अधिकतम 25 फीसदी का डिस्काउंट देने की मंजूरी प्रदान की है।

खुद सरकार सस्ती शराब बेचने का किया है विरोध

नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि यह कितनी हैरानी की बात है कि जनवरी-फरवरी में दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने सस्ती शराब बेचने की अनुमति दी, क्योंकि नई शराब नीति में यह कहा गया है कि शराब की कीमत तय करने का अधिकार शराब बेचने वालों के पास है। मार्च में सरकार ने इस शर्त का उल्लंघन करते हुए खुद ही सस्ती शराब बेचने पर पाबंदी लगा दी और जब शराब विक्रेता कोर्ट में गए तो सरकार ने वहां भी इसका पुरजोर विरोध किया।

सरकार ने क्यों लिया अपने फैसले से यू टर्न?

उन्होंने दिल्ली सरकार के पूछा कि अब एक महीने में ऐसा क्या परिवर्तन आ गया कि सरकार ने अब खुद ही उन्हें सस्ती शराब बेचने की अनुमति दे दी है। आखिर एक महीने में ही सरकार को अपने फैसले से यू टर्न क्यों लेना पड़ा? क्या इसमें कोई बड़े लेन-देन का खेल हुआ है और क्या सरकार ने इस खेल के लिए ही शराब सस्ती बेचने पर पाबंदी लगाई थी? सरकार ने यह फैसला लेते हुए यह भी नहीं सोचा कि इन दिनों नवरात्र का पवित्र त्योहार चल रहा है और सरकार नवरात्र के दौरान शराब सस्ती करके हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।

सरकार रखे अपने पास क्वालिटी निरीक्षण का अधिकार (Politics On Liquor Exemption)

बिधूड़ी ने आशंका जताई है कि शराब निर्माता अब अपना ब्रांड सस्ता बेचने के लिए घटिया शराब भी बेच सकते हें। ऐसा इसलिए संभव है कि नई शराब नीति के तहत शराब की क्वालिटी के निरीक्षण का अधिकार भी शराब निर्माताओं के पास है। उन्होंने सरकार के मांग की है कि शराब की क्वालिटी का अधिकार खुद सरकार अपने पास रखे। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो आने वाले दिनों में लोगों के शराब सेवन को लेकर कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

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