Monday, January 30, 2023
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Ukraine Crisis पेट्रोल डीजल पर राहत मिलने वाले दिन शायद होने वाले हैं खत्म, विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बढ़ा सकती है भाव, जानिए कितने बढ़ सकते हैं भाव?

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 इंडिया न्यूज,नई दिल्ली। 

Ukraine Crisis: रूस और यूकेन के बीच जारी सैन्य युद्ध अब 7वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस युद्ध से न केवल रूस  और यूक्रेने को हानि हो  रही है बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में भी काफी असर डाल रहा है। बुधवार को वैश्विक बाजार में तेल के दाम 100 डॉलर (7573.85 रुपये) प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। हालांकि इन सबके बीच भारत में पिछले 118 दिनों से वाहन ईंधन के भाव स्थिर बने हुए है। देश में अब पेट्रोल डीजल के दामों के स्थिर वाले दिन अब दूर होने वाले हैं। बाजार विशेषज्ञों की बता करें तो केंद्र सरकार देश में पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा खासकर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद फिरसे देश में पेट्रोल डीजल के भाव बढ़ाने वाली है।

9 रुपए मंहगा हो सकता है तेल (Ukraine Crisis)

अगर बात ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन (JP Morgan) करें तो इस फर्म कहा कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद सरकार तेल प्रति लीटर 9 रुपये महंगा हो कर सकती है। आपको बता दें कि यूक्रेन पर रूस के हमले के चलते पश्चिमी देश रूस पर प्रतिबंध लगा रहे हैं और इनके सम्मिलित असर से वर्ष 2014 के मध्य से पहली बार वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के भाव 110 डॉलर (8331.24 रुपये) प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।

तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान (Ukraine Crisis)

तेल मंत्रालय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के मुताबिक, भारतीय क्रूड ऑयल बास्केट के भाव 1 मार्च को 102 डॉलर (7725.33 रुपये) प्रति बैरल के पार पहुंच गए। यह अगस्त 2014 के बाद सबसे अधिक हैं।  यह पिछले साल नवंबर की शुरुआत में क्रूड ऑयल के औसत भाव 81.5 डॉलर (6172.69 रुपये) प्रति बैरल से काफी अधिक है, जिस भाव पर अभी पेट्रोल व डीजल के भाव तय हैं। वहीं, जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट का कहना है कि सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम व हिंदुस्तान पेट्रोलियम को प्रति लीटर तेल पर 5.7 रुपये का नुकसान हो रहा है और इस गणना में 2.5 रुपये प्रति लीटर के नॉर्मल मार्जिन को नहीं शामिल किया गया है।

भारत करता है 85 फीसदी तेल आयात (Ukraine Crisis)

रूस दुनिया का 10 फीसदी तेल उत्पादित करता है, लेकिन भारत अपनी जरूरत का महज एक फीसदी (वर्ष 2021 में 43.4 हजार पेट्रोल-डीजल के भाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड के भाव के हिसाब से हर दिन तय की जाती हैं। भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी तेल आयात करता है।

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