Tuesday, February 7, 2023
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Pharma Industry रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध से सहमा भारत का फार्मा इंडस्ट्री, वेट एंड वॉट मोड दवाई कारोबारी

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इंडिया न्यूज,नई दिल्ली। 

Pharma Industry: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे सैन्य युद्ध का से न केवल इन दोनों के देश के कारोबार में प्रभाव दिखाई पड़ा रहा है। बल्कि अब इसका असर भारत के कारोबार पर भी दिखाई पड़ने लगा है। इन दोनों के के बीच छिड़े युद्ध से भारत के अन्य सेक्टर के कारोबार के साथ फार्मा इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियां डर रही हैं, क्योंकि रुस व यूक्रेन से साथ भारत के अच्छे कारोबारी संबंध हैं और भारत के कारोबारी दवाइयों को निर्यात करते हैं। ऐसे में दोनों के बीच हो रहे युद्ध से भारत के फार्मा इंडस्ट्री अब वेट एंड वॉट मोड में हैं।

बाजार के एक विशेषज्ञ की माने तो रूस और यूक्रेन समेत सीआईएस के कुछ देशों से नए ऑर्डर के लिए अभी सही समय का इंतजार किया जा रहा है। आपको बता दें  सीआईएस (कॉमनवेल्थ ऑफ इंडेपेंडेंट स्टेट्स) में सोवियत संघ से अलग हुए देश हैं।

हालांकि रुस और यूक्रेन के बीच जारी सैन्य युद्ध के बाद भी दवाइयों के निर्यात पर अभी कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन फार्मा इंडस्ट्री पेमेंट फंसने के डर से अभी स्थिति सुधरने का इंतजार कर रही हैं। इसके अलावा रूस और यूक्रेन की बात करें तो यूक्रेन से भारतीय फार्मा इंडस्ट्री का कारोबार रूस के मुकाबले अधिक तेजी से बढ़ा.

2021 में भारत ने यूक्रेन को किया 18.1 करोड़ डॉलर दवाइंयों का निर्यात (Pharma Industry)

कॉमर्स डिपार्टमेंट के फार्मा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (Pharmexcil) के  आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष 2021 में भारत ने यूक्रेन को 18.1 करोड़ डॉलर की दवाइयां निर्यात किया था, जो वित्त वर्ष 2020 के मुकाबले 44 फीसदी अधिक रहा. वहीं रूस की बात करें तो वित्त वर्ष 2021 में भारत ने 59.1 करोड़ डॉलर की दवाइयां निर्यात किया था जो उसके पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 6.95 फीसदी अधिक रहा है।

स्थिति पर रखी जा रही है लगातार नजर (Pharma Industry)

रूस व यूक्रेन से जारी युद्ध पर फार्मा इंडस्ट्री से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और अभी सबसे पहली प्राथमिकता रूस व यूक्रेन के बीच जंगी माहौल से प्रभावित इलाके में अपने कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

मरीजों की जरूरतों करना है कंपनी टॉप प्रॉयोरिटी (Pharma Industry)

वहीं. एक कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि इस क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से उनकी मौजूदगी है. उन्होंने मरीजों की जरूरतों को पूरा करने व कारोबार जारी रखने के अलावा अपने कर्मियों की सुरक्षा को टॉप प्रॉयोरिटी बताया।

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