Thursday, December 1, 2022
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इंडियन ओवरसीज बैंक ने ग्राहकों को दिया झटका, ब्याज दरों में किया 0.10 फीसदी का इजाफा, लोन हुए महंगे

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Indian Overseas Bank MCLR Rate

इंडिया न्यूज,नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की जून में समाप्त हुई मौद्रिक नीति समीक्षा की बैठक में बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए रेपो रेट में इजाफा किया था। इसके इजाफा होते ही देश कई बैंक अपने कर्ज की ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी कर रही हैं। हाल ही में देश की सबसे बड़ी प्राइवेट बैंक एचडीएफसी ने अपने मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट यानी एमसीएलआर में इजाफा किया है और यह बैंक का दूसरा इजाफा था। इस कड़ी में एक बैंक का नाम और जोड़ गया है। सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) ने मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट यानी एमसीएलआर (MCLR) में 10 बेसिस प्वाइंट यानी 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी की है। बैंक ने अलग-अलग अवधि के MCLR में बढ़ोतरी की है। हालांकि नई दरें 10 जुलाई, 22 से लागू होंगी। इस वृद्धि के साथ अब बैंक से लोन लेना और महंगा होने वाला है।

ब्याज दर पहुंची 7.55 फीसदी

इंडियन ओवरसीज बैंक के एमसीएलआर में 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद अब ब्याज दर 7.55 फीसदी हो गई हैं। इससे पहले बैंक की ब्याज दरें 6.95 फीसदी थी। इसके अलावा बैंक के एक साल के लिए एमसीएलआर को 7.45 फीसदी बढ़ाकर 7.55 फीसदी कर दिया गया है। 2 और 3 साल के लिए एमसीएलआर को 0.10 फीसदी बढ़ाकर 7.55 फीसदी कर दिया गया है,जबकि एक दिन से लेकर 6 महीने की अवधि के लिये एमसीएलआर को 0.10 फीसदी बढ़ाकर 6.95-7.50 फीसदी पहुंचा दिया गया है।

एचडीएफसी दो बार कर चुकी ब्याज दरों में इजाफा

हाल ही में 7 जुलाई, 2022 को एचडीएफसी ने अपने MCLR में 20 बेसिस अंक (0.20 फीसदी) की वृद्धि की थी और नई दरें भी उसी दिन से लागू हो गई थी। एचडीएफसी बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक, एक रात वाले एमसीएलआर की दर में 20 बेसिस अंक की बढ़ोतरी के बाद 7.70 फीसदी कर दिया गया है।  इससे पहले 7 जून, 2022 को भी बैंक ने एमसीएलआर की दरों में 35 बेसिस अंकों का इजाफा किया था।

यह होता है MCLR

भारत में MCLR सिस्टम को भारतीय रिजर्व बैंक ने 2016 में पेश किया था. यह किसी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के लिए एक इंटरनल बेंचमार्क है. MCLR प्रोसेस में लोन के लिए मिनिमम ब्याज दर तय की जाती है। आम भाषा में कहें तो मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय की गई एक पद्धति है जो कॉमर्शियल बैंक्स द्वारा ऋण पर ब्याज दर तय करने के लिए इस्तेमाल की जाती है।

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