Tuesday, February 7, 2023
Tuesday, February 7, 2023
HomeBusinessIndia News Manch Vijay Diwas Remembrance कितने रण में है हिन्दुस्तान का...

India News Manch Vijay Diwas Remembrance कितने रण में है हिन्दुस्तान का पहला सेशन शुरू

- Advertisement -

India News Manch Vijay Diwas Remembrance
इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:

आज देश में राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। इंडिया न्यूज मंच ने देश के सभी मुद्दों को लेकर राजधानी दिल्ली के इम्पीरियल होटल में गुरुवार को मंच प्रदान किया, जिसमें पहला सेशन कितने रण में है हिन्दुस्तान से आरम्भ किया गया।

पाक को हमसे बातचीत के लिए आतंकवाद छोड़ना होगा : जनरल जेजे सिंह

जनरल जेजे सिंह ने कहा कि 1971 के युद्ध में बंग्लादेश ने मदद मांगी और हमने उनकी मदद की। बंग्लादेश आवाम ने भी हमारा साथ दिया। 95 हजार सैनिकों को सरेंडर कराया। पाकिस्तान इस युद्ध को नहीं भूल सकता। देश की फौज, आर्थिक मजबूती और सशक्त लीडरशिप की वजह से यह युद्ध एक सप्ताह में खत्म कर दिया। थल सेना, वायुसेना और जल सेना से संयुक्त रूप से काम किया।

प्रौक्सीवार आरम्भ है। साइबर वार का चलन हो रहा है जिससे सावधान रहने की जरूरत है। सभी देश अपने काबिलियत को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। साइबर अटैक से हमें बचना है और इसका जवाब भी देना है। देश की व्यापक शक्ति को बढ़ाना है और सेना को आधुनिकरण बनाने के लिए और भी अधिक प्रयास करने होंगे।

जनरल जेजे सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत हो सकती है लेकिन आतंक को उसे छोड़ना पड़ेगा लेकिन वह ऐसा नहीं कर सकता। वह हमेशा कहता है कि उसकी जमीन से आतंक नहीं पैदा हो रहा है। लेकिन उसकी हकीकत पूरी दुनिया को पता है। हमने पहले ही कहा था कि हमें सीडीएस की जरूरत है। मोदी सरकार ने सीडीएस की कमी को पूरा किया। तीनों सेनाओं को एक-दूसरे विभाग में भेजने की वकालत भी मैंने किया था कि सभी सेना के जवानों को एक-दूसरे को समझें और उनका ज्ञानवर्धन हो। भारतीय सेना हर मोर्च पर युद्ध लड़ सकती और जीत हासिल कर सकती है। 1971 के युद्ध में कम्यूनिकेशन की कमी थोड़ी थी। सीडीएस बनाने का सुझाव सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया था ताकि तीनों सेनाओं का कम्यूनिकेशन बन सके और युद्ध के दौरान थल, वायु और जल सेना सही जानकारी और सटीक निशाना लगा सके।

1971 की हार पाक की सबसे बड़ी हार : एअर मार्शल अनिल चोपड़ा

मैं सबसे पहले 16 दिसम्बर विजय दिवस की देशवासियों को बधाई देता हूं। तीना फौजों का साझा कम्यूनिकेशन बेहद बेहतर था जिसकी वहज से यह जीत मिली 13 दिन के अंदर हम लोगों ने जीत हासिल कर ली। इंडियन वायु सेना ने थल सेना के सैनिकों को तमाम नदियों को पार कराया। पाकिस्तान लगातार टैंकों से हमला करता रहा लेकिन हमारी फौज ने 45 टैंकों को सेना ने नस्तेनाबूत कर दिया। हां मैं कह सकता हूं कि पाकिस्तान कभी नहीं सुधरेगा, लेकिन यह हार पाक के लिए सबसे बड़ी थी।

2001 में संसद पर हमला किया, उरी में हमला किया। उसे घुस कर मारने की जरूरत है। पाकिस्तान आर्थिक रूप से बर्बाद हो चुका है। चाइना उसे कर्ज में डूबो रहा है और पाकिस्तान की जमीन को कब्जा कर रहा है। इंडिया की ग्राउंड फोर्स 3 लाख सीमा पर है और चाइना की फोर्स लगभग एक लाख है।

हां मैं यह कह सकता हूं कि रसिया ने हमें हथियार दिए लेकिन टेक्नॉलाजी नहीं दिया। अब इंडिया हर तरह की मिसाइल बना रहा है। ब्रहमोस, अग्नि आदि मिसाइल बना रहा है। अब इंडिया मिसाइल और गन दूसरे देषों को बेच रहा है और आने वाले समय में और भी अधिकांश देश भारतीय हथियारों को खरीदेंगे। पहले हम हथियार बेचने की स्थिति में नहीं थे।

चीन बार्डर पर भारतीय वायु सेना हर स्थिति से निपटने को तैयार : जनरल पीजेएस पन्नू

इंडिया न्यूज मंच पर जनरल पीजेएस पन्नू ने कहा कि भारत की सीमा चीन, बांग्लादेश और पाकिस्तान के साथ लगी हुई है। इंडिया पांच युद्ध लड़ चुका है। पहले 24 साल में तीनों सेनाओं का काफी अच्छा प्रदर्शन रहा है और उनमें तजूरबा अधिक था, क्योंकि वे कई युद्वों को लड चुके थे। लेकिन चाइना, पाकिस्तान के साथ युद्ध करने के तरीके बदल चुके हैं। चाइना ने भारत की जमीन पर कब्जा करने की खबरें आई लेकिन भारतीय सीमा पूरी तरह सुरक्षित है।

चाइना बॉर्डर पर भारतीय सेना तैयार है और वह हर परिस्थिति से निपट सकती है। बॉर्डर एरिया में चाइना गांव बसाने की कोशिश कर रहा है लेकिन उसके मंसूबे कामयाब नहीं होंगे और उसे मुंह की खानी होगी। अब बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने की तकनीक को बढ़ाना होगा और सेना के हथियारों को आधुनिक बनाने के लिए और भी अधिक प्रयास करने होंगे।

Read More : Pro-Tennis League 21 दिसम्बर से

Connect With Us : Twitter | Facebook Youtube

MOST POPULAR