Tuesday, December 6, 2022
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केंद्र सरकार ने हटाया बांस के चारकोर पर लगा निर्यात प्रतिबंध, उच्च लागत समस्या से जूझ रहा उद्योग

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इंडिया न्यूज,नई दिल्ली: Export Ban Rid: केन्द्र सरकार ने कच्चे बांस के अधिकतम उपयोग और भारतीय बांस उद्योग को उच्च लाभ सुविधा प्राप्त करने के उद्देश्य बांस के चारकोर पर लगा निर्यात प्रतिबंध हटा लिया है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के बांस के चारकोल पर से निर्यात प्रतिबंध हटाने का की मांग कर रहा था, जिसके बाद सरकार ने इस पर से निर्यात प्रतिबंध हटा लिया है। इस बाबत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी किया है।

डीजीएफटी ने जारी की अधिसूचना 

डीजीएफटी ने जारी अधिसूचना में कहा कि वैध स्रोतों से प्राप्त बांस से बने सभी बांस के चारकोल के निर्यात को अनुमति प्रदान की गई है। वहीं, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने इस नीतिगत संशोधन के लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को धन्यवाद दिया। दरअसल, सक्सेना भी केंद्र सरकार  से निर्ताय प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे थे।

सरकार के इस निर्णय के बाद से उच्च लागत में आएगी कम

सक्सेना ने कहा कि इस निर्णय से कच्चे बांस की उच्च लागत में कमी आएगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बांस के चारकोल की भारी मांग है और सरकार द्वारा निर्यात पर से प्रतिबंध हटाने से भारतीय बांस उद्योग इस अवसर का लाभ उठाने को मिलेगा।

मौजूदा समय बांस उद्योग उच्च लागत से रहा जूझ

बता दें कि भारतीय बांस उद्योग वर्तमान में बांस के अपर्याप्त उपयोग के कारण अत्यधिक उच्च लागत की समस्या से जूझ रहा है। देश में अधिकांश बांस का उपयोग ज्यादातर अगरबत्ती के निर्माण में किया जाता है। इसमें 16 फीसदी बांस का उपयोग किया जाता है,जबकि शेष 84 प्रतिशत बांस पूरी तरह से बेकार हो जाता है। गोल बांस की छड़ियों के लिए बांस की लागत 25,000 रुपये से लेकर 40,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन है। वहीं, बांस की औसत लागत 4,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन है।

इन देशों को बाजार में है पर्याप्त संभावनाएं

मांस भूनने की सींक (बारबेक्यू), मिट्टी के पोषण और सक्रियकृत चारकोल के निर्माण के लिए कच्चे माल के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, कोरिया, बेल्जियम, जर्मनी, इटली, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में काफी संभावनाएं हैं, जो बांस कारोबार में लाभदायक बनाएंगें।

बांस आयात पर 2019 में लगा प्रतिबंध

इससे पहले 2019 में केवीआईसी ने बांस आधारित उद्योगों में अधिक रोजगार पैदा करने के उद्देश्य के लिए सरकार से आयात के नीतिगत परिवर्तन और वियतनाम तथा चीन से गोल बांस की छड़ियों पर आयात शुल्क लगाने की मांग की थी। उसके बाद सितंबर 219 में सरकार ने आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था और जून 2022 में गोल बांस की छड़ियों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था।

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