Tuesday, February 7, 2023
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Producing Fuel कचरे का उपयोग से अफ्रीका का एक देश बना रहा पेट्रोल डीजल, हर दिन बना है 700 लीटर ईंधन, जानिए कौन सा है देश और कैसे करता है तैयार?

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इंडिया न्यूज, नई दिल्ली। 

Producing Fuel: अभी तक तकनीकी से जुड़े हुए लोगों को कई चीजों का आविष्कार कर सकते हैं। ऐसी ही एक नई तकनीकी की खोज हुई जो वाहन ईंधन का को बनाने में मदद करेगी। अब तक वाहन ईंधन यानी पेट्रोल डीजल को बनाने के लिए कच्चे तेल का उपयोग किया जाता है। लेकिन अब कचरे से भी पेट्रोल डीजल को बनाना जा रहा है और वो भी ऐसा कचरा जो आपके किसी काम नहीं आएगा। कचरे से वाहन ईंधन का उत्पादन करने वाला देश के कोई बड़ा देश नहीं बल्कि अफ्रीकी समूह का देश है।

प्रति दिन बनाता है 600 से 700 लीटर ईंधन (Producing Fuel)

अफ्रीकी देश जाम्‍बिया ने अपने यहां पुराने टायरों और प्लास्टिक के कंटेनरों का उपयोग कर वाहन ईंधन बनाना शुरु कर दिया है। इस तकनीकी के उपयोग से हर दिन 600 से 700 लीटर पेट्रोल और डीजल तैयार किया जा रहा है। यह म्बिया के सेंट्रल अफ्रीकन रिन्यूएबल एनर्जी कार्पोरेशन द्वारा किया जा रहा है।

देश में वाहन ईंधन के आयात को करना कम (Producing Fuel)

कंपनी का उदेश्य है कि देश में पेट्रोल और डीजल के आयात को कम करना है।  जाम्‍बिया में पायलट प्रोजेक्‍ट के तौर पर कचरे से पेट्रोल और डीजल का निर्माण किया जा रहा है। इस उपयोग से देश में प्लास्टिक और रबर के कचरे में कमी भी आएगी।

कचरे से इस तरह बनाता है वाहन ईंधन (Producing Fuel)

रबर वाले टायर और प्‍लास्‍ट‍िक के डब्बों को काटकर बड़ी-बड़ी भट्ट‍ियों में डाला जाता है. उच्‍च तापमान पर इन्‍हें रिएक्‍टर में जलाया जाता है और कुछ उत्‍प्रेरक मिलाकर पेट्रोल‍ियम ईंधन तैयार किया जाता है। वहीं, इस पर सेंट्रल अफ्रीकन रिन्यूएबल एनर्जी कॉर्पोरेशन के चीफ एक्‍जीक्‍यूटिव मुलेंगा का कहना है कि अपनी पूरी क्षमता का इस्‍तेमाल करते हैं तो देश में 30 फीसदी तक ईंधन की जरूरत को पूरी कर पाएंगे। जाम्‍बिया हर साल ईंधन के आयात पर 1.4 अरब डॉलर खर्च करता है और प्रति दिन देश में 14 करोड़ लीटर ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है।

जाम्बिया दुनिया के सामने रखी नई मिसाल (Producing Fuel)

जाम्‍बिया रबर वाले टायर और प्‍लास्‍ट‍िक के डब्बों के कचरों से वाहन ईंधन को तबदील कर दुनिया के सामने एक नया अविष्कार किया है। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो भारत समेत अन्य देशों में कचरा पर्यावरण निजात मिलेगा। वर्तमान में पूरे विश्व में करीब 8.3 अरब टन प्‍लास्‍ट‍िक मौजूद है। अगर इस इस तरह इनका इस्‍तेमाल पेट्रोल और डीजल बनाने में किया जाता है तो दुनियाभर से कचरा हटेगा और ईंधन भी मिलने का रास्‍ता साफ होगा।

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